फेक फाइनेंशियल गुरुओं का खुलासा: कैसे लूटते हैं लाखों लोगों को

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May 12, 2024 May 1, 2026
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यह वीडियो फेक फाइनेंशियल गुरुओं के ठगी के तरीकों और उनकी पहचान के बारे में बताता है।

फेक फाइनेंशियल गुरु कैसे काम करते हैं?

  • मयंक शो नाम के 20 वर्षीय लड़के ने 14 महीने ट्रेडिंग में घिसा, लेकिन एक रुपया नहीं कमाया। फिर उसने एक फाइनेंशियल गुरु का प्रीमियम कोर्स 17,000 रुपए में खरीदा।
  • उस गुरु का एक्चुअल इनकम स्टेटमेंट लीक हुआ, जिसमें पता चला कि वह खुद 1 साल में 1 करोड़ से अधिक का लॉस कर चुका था।
  • ऐसे फेक गुरु बिना लाइसेंस और ट्रेनिंग के लोगों को स्टॉक टिप्स देते हैं और क्लोन ऐप से फेक प्रॉफिट दिखाते हैं।
  • बड़े उदाहरण: रविंद्र भारती और हेमंत घई

  • रविंद्र भारती (2 मिलियन सब्सक्राइबर) को सेबी ने बैन किया और 12 करोड़ रुपए वापस देने का आदेश दिया। वह बिना लाइसेंस के 25-1000% रिटर्न का झांसा देते थे।
  • हेमंत घई (सीएनबीसी के स्टॉक 2020 शो) ने फ्री एडवाइस देकर पंप एंड डंप स्कीम चलाई। उनकी माँ और पत्नी पहले स्टॉक खरीदती थीं, फिर वह टीवी पर रिकमेंडेशन देते थे, जिससे प्राइस बढ़ता और वे बेचकर मुनाफा कमाते थे।
  • असली और फेक इन्फ्लुएंसर की पहचान

  • असली फाइनेंशियल इन्फ्लुएंसर के पास सेबी का लाइसेंस होता है और वे एजुकेट करते हैं, स्टॉक नहीं चिपकाते।
  • फेक इन्फ्लुएंसर के पास कोई लाइसेंस नहीं होता, वे अवास्तविक रिटर्न का वादा करते हैं और 'आंखें बंद करके यह स्टॉक ले लो' जैसी बातें कहते हैं।
  • लोग खुद रिसर्च नहीं करते और आसान पैसे के लालच में फंस जाते हैं।
  • मुख्य बिंदु

  • फेक फाइनेंशियल गुरु बिना लाइसेंस के क्लोन ऐप से फेक प्रॉफिट दिखाकर लोगों को लालच देते हैं।
  • रविंद्र भारती जैसे बड़े इन्फ्लुएंसर को सेबी ने बैन किया और 12 करोड़ वापस देने का आदेश दिया।
  • हेमंत घई ने पंप एंड डंप स्कीम के जरिए लोगों को ठगा।
  • असली इन्फ्लुएंसर के पास सेबी लाइसेंस होता है और वे एजुकेशन पर ध्यान देते हैं, जबकि फेक लोग अवास्तविक वादे करते हैं।
  • निष्कर्ष

    खुद रिसर्च करना सीखें और आसान पैसे के लालच में फेक गुरुओं के झांसे में न आएं।

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